मुंबई के लालबाग चा राजा गणपति पंडाल में भक्तों के साथ कथित भेदभाव और अमानवीय व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वकील आशीष राय और पंकज कुमार मिश्रा ने महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में मुंबई पुलिस आयुक्त और महाराष्ट्र राज्य सचिव को भी शामिल किया गया है। शिकायत का मुख्य बिंदु VIP/Non-VIP दर्शन प्रणाली है, जिसके कारण आम भक्तों के साथ भेदभाव होता है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सामान्य भक्तों, जिनमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं, उन्हें 48 घंटे तक बिना किसी बुनियादी सुविधा के इंतजार करना पड़ता है। यह भी आरोप है कि पंडाल के प्रबंधक और बाउंसर भक्तों के साथ धक्का-मुक्की करते हैं और अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। शिकायत में कहा गया है कि VIP लोगों को आराम से तस्वीरें और वीडियो लेने की अनुमति दी जाती है, जबकि आम लोगों को तुरंत दर्शन से रोका जाता है।
शिकायत में राष्ट्रीय समाचार रिपोर्टों का भी उल्लेख है, जिसमें शारीरिक शोषण और भगदड़ जैसी घटनाओं का खतरा बताया गया है, जिससे भक्तों को चोटें आई हैं। राय और मिश्रा ने पहले भी पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने MSHRC से मामले की जांच और कार्रवाई की अपील की है।
शिकायत में अनुरोध किया गया है कि मामले की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो। संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत सभी भक्तों के लिए समानता सुनिश्चित करने के लिए VIP/Non-VIP दर्शन प्रणाली को बंद किया जाए। VIP लोगों के आने पर आम भक्तों के दर्शन में बाधा न हो इसके लिए उचित व्यवस्था की जाए। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों जैसे कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएं। पंडाल में ही विशेष पुलिस प्रशासन की व्यवस्था की जाए और सुरक्षा उपायों की सिफारिश की जाए।