
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक मिसाल पेश की है। उनके बेटे डॉ. अभिमंयु यादव ने किसी शाही अंदाज़ में नहीं, बल्कि 21 अन्य जोड़ों के साथ एक सामूहिक विवाह समारोह में सात फेरे लिए। यह अनोखी शादी उज्जैन के सANOVA खेड़ी में संपन्न हुई, जहाँ सामाजिक समरसता और सादगी का संदेश गूंजा।
यह किसी वीआईपी या हाई-प्रोफाइल राजनीतिक शादी से बिल्कुल अलग था। न कोई आलीशान मंडप, न महंगे इंतजाम, बस 22 जोड़े, समान आशीर्वाद और एक मजबूत सामाजिक संदेश। इस समारोह ने साबित किया कि खुशी और पवित्रता किसी दिखावे की मोहताज नहीं होती।
**प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी**
इस सादे मगर महत्वपूर्ण समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गहलोत, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और दुर्गा दास उइके, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, योग गुरु बाबा रामदेव और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। इनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और सामूहिक विवाह के महत्व को रेखांकित किया।
**बाबा रामदेव ने दिलाई रस्में, सबको समान आशीर्वाद**
सामूहिक विवाह समारोह का संचालन स्वयं योग गुरु बाबा रामदेव ने किया। उन्होंने सभी 22 जोड़ों को समान रूप से आशीर्वाद दिया। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कम लागत वाले सामूहिक विवाह समारोहों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भगवद्गीता के संदेश और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।
**सीएम मोहन यादव ने जताई कृतज्ञता**
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, ‘बाबा महाकाल और भगवान श्री गोपाल कृष्ण की असीम कृपा से, हमारे पुत्र डॉ. अभिमंयु और डॉ. इशिता, 21 नवविवाहित जोड़ों के साथ पवित्र परिणय सूत्र में बंध गए। यह अवसर सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और समानता के त्रिवेणी संगम का प्रतीक है।’
**इंटरनेट पर सीएम के फैसले की प्रशंसा**
मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस निर्णय की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है। नेटिज़न्स ने उन्हें ऐसे समय में एक आदर्श स्थापित करने के लिए सराहा है, जब शादियों में फिजूलखर्ची का चलन बढ़ रहा है। कई यूजर्स ने इसे प्रेरणादायक बताया है।






