
दिल्ली पुलिस लाल किला धमाके के संबंध में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से चिकित्सा डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों का विवरण खंगाल रही है। जांच एजेंसियां 10 नवंबर को हुई दिल्ली ब्लास्ट की अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए अल-फलाह विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टरों से भी पूछताछ कर चुकी हैं। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए हैं।
लाल किला धमाके की जांच में एक अहम मोड़ आया है, जहां दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पतालों को नोटिस भेजकर पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई और चीन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल कर चुके और यहां प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों का विवरण मांगा है।
जांच अब फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय से आगे बढ़ गई है। जांच एजेंसियां लाल किला ब्लास्ट के आत्मघाती हमलावर उमर नबी और अल-फलाह विश्वविद्यालय के डॉक्टर के बीच संभावित संबंधों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
दिल्ली के एक निजी अस्पताल को जारी नोटिस में, जांचकर्ताओं ने ‘अत्यधिक जरूरी’ मानते हुए यह जानकारी मांगी है। नोटिस में कहा गया है, ‘कृपया अपने अस्पताल में कार्यरत उन डॉक्टरों का विवरण प्रदान करें जिन्होंने 10.11.2025 को लाल किला पर हुए बम विस्फोट की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान, बांग्लादेश, यूएई, चीन से डिग्री प्राप्त की है। कृपया इसे अत्यधिक महत्वपूर्ण मानें।’
अल-फलाह के 30 डॉक्टरों से उमर के बारे में पूछताछ:
इस बीच, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अल-फलाह विश्वविद्यालय में अपनी जांच तेज कर दी है। दिल्ली blast के संबंध में विश्वविद्यालय के 30 डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए हैं।
इन डॉक्टरों से उमर और उसके व्यवहार के बारे में पूछताछ की गई। साथी डॉक्टरों ने बताया कि उमर का व्यवहार रूखा था और वह केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही अपने कमरे में आने देता था।
उल्लेखनीय है कि उमर के एक मोबाइल फोन की जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास है, जिसमें जांच एजेंसी को चार वीडियो मिले थे। इनमें से एक वीडियो सार्वजनिक भी हुआ था, जिसमें उमर जिहाद और मानव बम को सही ठहरा रहा था। शेष तीन वीडियो भी इसी तरह उमर द्वारा बनाए गए थे, प्रत्येक की अवधि तीन से पांच मिनट थी। एजेंसी उसके फोन के माध्यम से उसके सहयोगियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
इस मामले में, जांच एजेंसियों ने लाल किला ब्लास्ट और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जम्मू-कश्मीर के डॉ. मुजम्मिल शकील गनई, डॉ. अदील अहमद राथर, मुफ्ती इरफान अहमद वगाय और उत्तर प्रदेश के डॉ. शाहीन सईद को 10 नवंबर को blast के कुछ दिनों बाद गिरफ्तार किया गया था।






