टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे, आर्यवीर सहवाग ने आखिरकार दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) में अपना पदार्पण किया। आर्यवीर पहली बार किसी लीग में खेल रहे थे, और उन्हें अपने डेब्यू का इंतजार करना पड़ा। लेकिन मौका मिलते ही ‘जूनियर सहवाग’ ने भी वैसा ही विस्फोटक आगाज किया जैसा ‘सीनियर सहवाग’ सालों तक करते रहे। जाहिर है, इसमें पिता से मिली कुछ सलाह का भी योगदान रहा होगा, जिसका खुलासा मैच के बाद आर्यवीर ने किया।
17 साल के आर्यवीर सहवाग ने DPL 2025 में सेंट्रल दिल्ली किंग्स के लिए अपने करियर की शुरुआत की। उन्हें ईस्ट दिल्ली राइडर्स के खिलाफ मैच में खेलने का मौका मिला, और आर्यवीर ने भी अपने पिता की तरह टीम के लिए ओपनिंग की। वीरेंद्र सहवाग को खेलते हुए देखने वाले सभी जानते हैं कि वह शुरुआत से ही गेंदबाजों पर हावी होने के लिए उत्सुक रहते थे। बेटे आर्यवीर में भी उनका वही अंदाज दिखा।
आर्यवीर ने पहले ओवर में 1 रन बनाकर खाता खोला और फिर तूफानी गेंदबाज नवदीप सैनी पर लगातार 2 चौके लगाए। इसके बाद, इस युवा बल्लेबाज ने एक स्पिनर पर भी लगातार 2 चौके जड़े। इस तरह दाएं हाथ के बल्लेबाज आर्यवीर ने अपने पहले ही मैच में अपनी छाप छोड़ दी। वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन 16 गेंदों में 22 रन बनाकर उन्होंने दिखाया कि वह भी अपने पिता की तरह विस्फोटक बल्लेबाजी कर सकते हैं और किसी भी गेंदबाज का सामना कर सकते हैं।
आर्यवीर ने कहा, “पापा से ज्यादा बात नहीं हुई, बस उन्होंने कहा आजादी से खेलना, ज्यादा मत सोचना और अपने शॉट्स खेलना।”
यह कहना गलत नहीं होगा कि आर्यवीर ने अपने पिता की सलाह को मैदान पर बखूबी उतारा और छोटी सी पारी से ही दिखा दिया कि वह क्या-क्या कर सकते हैं। आर्यवीर को इस मुकाबले में यश ढुल की जगह मौका मिला, जो टीम के लिए लगातार रन बना रहे थे, लेकिन दलीप ट्रॉफी में नाम आने के कारण उन्हें टूर्नामेंट बीच में छोड़ना पड़ा। सेंट्रल दिल्ली किंग्स को अब क्वालिफायर-1 में खेलना है, और जिस तरह का प्रदर्शन पहले मैच में आर्यवीर ने किया, उससे यह साफ है कि उन्हें इस मुकाबले में भी मौका मिलेगा।