भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड होने के बावजूद, प्रायोजक खोजने में संघर्ष कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई को एशिया कप के लिए कोई प्रायोजक नहीं मिला है, और अब टीम इंडिया की जर्सी पर किसी कंपनी का नाम नहीं होगा। ड्रीम इलेवन और बीसीसीआई के बीच का करार टूट गया है क्योंकि गेमिंग बिल के कारण अब ऑनलाइन रियल मनी गेम नहीं खेले जा सकेंगे। ड्रीम इलेवन बीसीसीआई के साथ 2026 तक का करार करने वाली एक बड़ी कंपनी थी, लेकिन यह बीच में ही समाप्त हो गया।
एशिया कप 9 सितंबर से शुरू हो रहा है और इतने कम समय में बीसीसीआई के लिए प्रायोजक खोजना आसान काम नहीं है। टीम इंडिया को प्रायोजित करना एक महंगा सौदा भी है। रिपोर्टों के अनुसार, बीसीसीआई 2027 विश्व कप तक प्रायोजक ढूंढ रहा है, जिसमें थोड़ा समय लग सकता है। बताया जा रहा था कि टोयोटा भी भारतीय टीम को प्रायोजित करना चाहती है, लेकिन अभी तक इस पर कोई अपडेट नहीं आया है।