
श्रीलंका ‘तितली’ तूफान की विनाशकारी मार झेल रहा है। देश के कई जिलों में भीषण बाढ़ और जानलेवा भूस्खलन के कारण अब तक 123 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 130 से अधिक लापता बताए जा रहे हैं। कैंडी जिले में सबसे ज्यादा 51 मौतें दर्ज की गई हैं, वहीं 67 लोग अभी भी लापता हैं। बडुल्ला जिले में 35 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 27 लोग लापता हैं। केगाले, मटाले, नुवारा एलिया और अम्परा जैसे इलाकों में भी जनहानि हुई है। इस तूफान ने 102,877 परिवारों के 373,428 लोगों को प्रभावित किया है, जिससे बुनियादी ढांचा बुरी तरह चरमरा गया है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं।
बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं। अनुराधापुरा-पुत्तलम सड़क पर कला ओया पुल पर फंसे एक बस से 40 से अधिक लोगों को बचाया गया, जिसमें एक विदेशी महिला भी शामिल थी। करीब 60 यात्रियों से भरी यह बस बाढ़ के पानी में बहने लगी थी, जिसके बाद यात्रियों ने पास के घर की छत पर शरण ली थी।
भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका की मदद के लिए 80 कर्मियों की राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम, जिसमें चार महिला कर्मी और चार स्निफर डॉग्स शामिल हैं, को राहत सामग्री और बचाव उपकरणों के साथ रवाना किया है। भारतीय नौसेना के पोतों INS विक्रमादित्य और INS उदयगिरी से भी सहायता सामग्री पहुंचाई गई है। कोलंबो में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एक आपातकालीन सहायता डेस्क भी स्थापित किया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। शनिवार को कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी है, खासकर कुड्डालोर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू जिलों और पुडुचेरी-कराईकल क्षेत्र में। रविवार को तिरुवल्लुर और रानीपेट जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है। सोमवार को तिरुवल्लुर जिले में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु के तटीय जिलों में NDRF की 14 टीमें तैनात कर दी गई हैं।




