यमन की राजधानी सना में इजराइल द्वारा किए गए एक हवाई हमले में हूती लड़ाकों के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई। टाइम्स ऑफ इजराइल ने यमन के अल-जुम्हुरिया अखबार के हवाले से यह खबर दी है। 28 अगस्त को इजराइल ने सना में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें रहावी अपने अपार्टमेंट में मारे गए। कई अन्य हूती सहयोगी भी इस हमले में मारे गए।
इजरायली अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों में हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अतीफी और चीफ ऑफ स्टाफ मुहम्मद अब्द अल-करीम अल-गमारी की भी मृत्यु हो गई। इससे एक दिन पहले, 10 वरिष्ठ हूती मंत्रियों को निशाना बनाया गया था, जिनमें रक्षा मंत्री भी शामिल थे। ये सभी ग्रुप लीडर अब्दुल मलिक अल-हौथी के भाषण सुनने के लिए सना के बाहर एकत्रित हुए थे।
इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायली सेना प्रमुख जनरल इयाल जमीर के साथ मिलकर इन हमलों को मंजूरी दी थी। काट्ज ने कहा, ‘हूती विद्रोहियों को पता था कि इजराइल को निशाना बनाने के परिणाम क्या होंगे। हमने यमन में हूतियों को चेतावनी दी थी, जो कोई भी इजराइल के खिलाफ हाथ उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा।’ इजराइल आर्मी ने कहा कि हूती ईरान के निर्देशों और फंडिंग के तहत काम कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करना और ग्लोबल शिपिंग रूट्स में बाधा डालना है।