जापान अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है। रक्षा मंत्रालय ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए 8.8 ट्रिलियन येन का रिकॉर्ड बजट मांगा है, जिसमें ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों जैसी नई तकनीकों पर भारी निवेश शामिल है। जापान का लक्ष्य 2027 तक रक्षा खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 2% तक बढ़ाना है, साथ ही अमेरिका भी अपने सहयोगियों पर अधिक खर्च करने का दबाव बना रहा है।
यह बजट चीन और उत्तर कोरिया से बढ़ती क्षेत्रीय चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ, जैसे कि जापानी सीमाओं के पास विमानों और जहाजों की बढ़ती संख्या, चिंता का विषय हैं। जापान इस बजट के माध्यम से निगरानी, जासूसी और हमले के लिए ड्रोन का व्यापक उपयोग करने की योजना बना रहा है। इसमें हवा, सतह और पानी के भीतर संचालित होने वाले विभिन्न प्रकार के ड्रोन शामिल हैं।
ड्रोन पर इतना अधिक खर्च करने का एक कारण जापान की सेना, सेल्फ डिफ़ेंस फोर्स (SDF) में भर्ती की समस्या भी है। घटती जनसंख्या के कारण, SDF अपने भर्ती लक्ष्यों को पूरा करने में संघर्ष कर रही है। सरकार सैनिकों के लिए बेहतर जीवनयापन की सुविधाएँ प्रदान करके इस समस्या का समाधान करने का प्रयास कर रही है। इसके अतिरिक्त, लंबी दूरी की मिसाइलों के बेड़े को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा, जिसमें घरेलू और अमेरिकी दोनों तरह की मिसाइलें शामिल हैं।