
तूफान ‘दितवा’ के कारण श्रीलंका के कोटमले क्षेत्र में भारी तबाही मची हुई है, जहां सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया है। ऐसे मुश्किल हालात में, भारतीय वायु सेना (IAF) ने रविवार को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत एक बड़े बचाव अभियान को अंजाम दिया। श्रीलंका के अधिकारियों के साथ मिलकर IAF के हेलीकॉप्टरों ने दिन भर में 45 फंसे हुए लोगों को सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया।
बचाए गए लोगों में 12 भारतीय नागरिक, कई देशों के विदेशी नागरिक और श्रीलंका के स्थानीय लोग शामिल थे। सबसे राहत की बात यह है कि इन बचाव अभियानों में 6 गंभीर रूप से घायल व्यक्ति और 4 नवजात शिशु भी शामिल थे, जिन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए ले जाया गया।
राहत कार्यों को और मजबूत करने के लिए, IAF ने 57 श्रीलंकाई सेना के जवानों को भी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचाया। ये जवान वहां चल रहे बचाव और राहत कार्यों में मदद करेंगे। IAF ने ‘भीष्म’ लाइफ सपोर्ट कैप्सूल और एक मेडिकल टीम को भी वहां भेजा है। रात 8 बजे तक 400 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया जा चुका था, और आगे भी ऐसे मिशन जारी रहेंगे।
IAF ने बताया कि कैसे कोटमले के दुर्गम इलाके में फंसे यात्रियों को निकालने के लिए एक खास बचाव मिशन चलाया गया। एक गरुड़ कमांडो को हेलीकॉप्टर से नीचे उतारा गया, जिसने फंसे हुए लोगों को एक हेलिपैड तक पहुंचने में मदद की। वहां से 24 यात्रियों को कोलंबो ले जाया गया। इस बचाव कार्य में भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे।
इसके साथ ही, तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल इलाज के लिए कोलंबो पहुंचाया गया। इससे पहले, श्रीलंकाई सेना की पांच टीमें (40 जवान) भी राहत कार्यों में सहायता के लिए कोटमले भेजी गई थीं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस बचाव अभियान को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ बताया है। भारतीय दूतावास ने भी एक परिवार को बचाया, जो छत पर फंसा हुआ था। भारत इस मुश्किल घड़ी में श्रीलंका के साथ खड़ा है।






