
रूस के रोस्तोव प्रांत में स्थित एकमात्र तेल रिफाइनरी पिछले 3 दिनों से आग की चपेट में है। नोवोशाख्तिंस्क शहर में स्थित इस रिफाइनरी पर यूक्रेन ने ड्रोन से हमला किया था। यह दक्षिणी रूस की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है। सोशल मीडिया पर आग के वीडियो वायरल हैं। रोस्तोव प्रांत के कार्यवाहक गवर्नर यूरी स्लीसार ने बताया कि रिफाइनरी में काम करने वाले सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। मौके पर इमरजेंसी सर्विस के लोग आग बुझाने की कोशिश कर रहे हैं। यह रिफाइनरी मुख्य रूप से तेल निर्यात के लिए काम करती है। इसकी सालाना निर्यात क्षमता 5 मिलियन मीट्रिक टन तेल या 1 लाख बैरल प्रतिदिन है। यूक्रेन ने अगस्त से नोवोकुइबिशेवस्क, सिजरान, रियाजान और वोल्गोग्राड सहित कई रूसी तेल रिफाइनरियों पर कई हमले किए। यूक्रेन की सेना ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। यूक्रेन के ड्रोन्स ने 10 अगस्त की रात रूस के सारातोव समेत कई तेल रिफाइनरियों पर ड्रोन हमला किया, 13 अगस्त को उनेचा पंपिंग स्टेशन, 14 अगस्त को वोल्गोग्राड में एक रिफाइनरी पर और 15 अगस्त को समारा में सिजरान ऑयल रिफाइनरी पर हमला किया था। यूक्रेन ने नोवोकुइबिशेवस्क, रियाजान और क्रास्नोडार की रिफाइनरियों पर भी हमला किया। दक्षिणी रूस के सोची स्थित एक तेल डिपो में भी आग लगी थी। रूस-यूक्रेन के बीच 24 फरवरी 2022 से जंग जारी है। दोनों देशों के बीच संघर्ष हाल के दिनों में तेज हुआ है। जंग खत्म करने को लेकर 15 अगस्त को डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर पुतिन के बीच अलास्का में मुलाकात हुई थी। इसके बाद 18 अगस्त को जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी। रूस ने शनिवार को दावा किया कि उसकी सेना ने पिछले डोनेट्स्क इलाके के दो गांवों पर कब्जा कर लिया है। सेरेड्ने और क्लेबन-बाइक गांव अब रूस के नियंत्रण में हैं।



