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UP Elections 2022: भैंस-बकरी चोरी में आजम जेल में तो अखिलेश बाहर क्यों हैं? कानपुर में ओवैसी का तगड़ा प्रहार

प्रवीन मोहता, कानपुर
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कानपुर के जीआईसी ग्राउंड में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, 7 साल से मोदी पीएम हैं। भैंस और बकरी चोरी में आजम खान जेल में हैं तो अखिलेश बाहर क्यों हैं? ‘दूध’, ‘मलाई’ और बाकी सब तुमने खाया और जेल में आजम खान हैं। कोई बताए कि अखिलेश और मोदी का क्या ‘रिश्ता’ है। अखिलेश से इतनी ‘मोहब्बत’ क्यों है। मोदी की सीबीआई सिर्फ मुस्लिमों के पीछे क्यों लगती है। यूपी की अगली सरकार में मुस्लिमों का डिप्टी सीएम होना चाहिए।

मुस्लिम बहुल चुन्नीगंज में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। बाकी सीटों के लिए छोटी पार्टियों से गठबंधन करेंगे। यहां चुनाव लड़ने का मकसद मुस्लिमों को उनका हिस्सा दिलाना है। यादव, जाटव, ब्राह्मण, जाट और निषाद जैसी जातियों के अपने नेता हैं, लेकिन मुस्लिमों का कोई नेता नहीं है। समाजवादी पार्टी की सरकार में हर थाने में दो यादव अधिकारी आ जाते हैं। बड़े ठेकों में यादवों को काम मिलता है। इस सरकार में हर थाने में दो ठाकुर हैं। नाम तो योगी है, लेकिन ‘दिल से ठाकुर’ हैं। कानपुर में सीएए प्रदर्शन में तीन मुस्लिम लड़कों को गोली मारी गई थी। सवाल किया कि मुस्लिमों का कोई नेता होता तो पुलिस ऐसा कर पाती? यूपी में पानी की कीमत है, लेकिन मुस्लिमों की जान की कोई ‘कीमत’ नहीं है।

ओवैसी ने कहा कि सीबीआई किसी काम की एजेंसी नहीं है। जब बाबरी मस्जिद गिराई गई तो क्या किसी को मुजरिम बनाया गया। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कांग्रेस, एसपी, बीएसपी क्यों नहीं बोलीं। समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो क्या किसी मुस्लिम को डिप्टी सीएम बनाएगी। पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि मोदी हमेशा पीएम और योगी हमेशा सीएम नहीं रहेंगे। मोदी ‘पहाड़’ पर चले जाएंगे और योगी ‘मठ’ में, लेकिन हम मुस्लिम तुम्हारे जुल्म याद रखेंगे। हालात बदलेंगे तो तुम्हें कौन बचाएगा। एमआईएम के 20 विधायक होंगे तो हर पार्टी हमसे गठबंधन करना चाहेगी।

चार महीने में दूसरी सभा
ओवैसी ने इसके पहले 26 सितंबर को जाजमऊ में जनसभा की थी। मंच से वक्ताओं ने दावा किया कि वे यह सभा हलीम कॉलेज ग्राउंड में करना चाहते थे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने इसकी अनुमति नहीं दी। शनिवार देर रात ही जीआईसी ग्राउंड में सभा की अनुमति मिली। आरोप लगाया कि मजलिस कानपुर में 8 नुक्कड़ सभाएं भी करना चाहती थी, लेकिन आर्यनगर और सीसामऊ के समाजवादी विधायकों और कैंट के कांग्रेसी विधायकों ने इसकी भी परमिशन नहीं होने दी।

गौरतलब है कि जीआईसी ग्राउंड मोटे तौर पर कानपुर की सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट एरिया के करीब है। तीनों ही सीटों पर मुस्लिम मतदाता अच्छी तादाद में हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में भी ओवैसी ने इस मैदान पर जनसभा की थी। ओवैसी ने मंच से ही लोगों से पूछा कि सोलंकी परिवार (इरफान सोलंकी, विधायक, आर्यनगर) को विधायक बनाओगे। अब शेर आ चुका है, जाग चुका है। उन्होंने कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव में मुस्लिमों पर कथित अत्याचार के मामले में याद किए।