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छत्तीसगढ़ में सीबीआई बैन, सीएम भूपेश बोले- सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में है

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छत्तीसगढ़ सरकार ने किसी भी तरह की जांच के लिए सीबीआई की सीधी एंट्री पर रोक लगा दी है। अब सीबीआई को जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी पड़ेगी। पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ अब तीसरा ऐसा राज्य है, जिसने राज्य और केंद्र के बीच कार्रवाई को लेकर सामान्य रजामंदी का फैसला अब वापस लेने का निर्णय लिया है। इसे लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि है केन्द्र सरकार के रवैए के चलते जिस तरह से सीबीआई की विश्वसनीयता संकट में उसे देखते हुए ये फैसला लिया गया है।

पांबदी के लिए केन्द्र सरकार को भेजा पत्र

पहले जहां सीबीआई सीधे राज्य में जांच के लिए आ सकती थी। अब सीबीआई को सिर्फ राज्य सरकार की इजाजत या फिर कोर्ट की इजाजत से ही छत्तीसगढ़ में दाखिल हो पायेगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने इसकी पुष्टि कर दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने  बताया है कि राज्य की तरफ से केंद्र को पत्र भेज दिया गया है। पत्र में पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम का हवाला दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि डीएसपीई अधिनियम 1946 की धारा-6 के तहत दी गई शक्ति का इस्तेमाल कर छत्तीसगढ़ सरकार इस कानून के इस्तेमाल के लिए दी अपनी रजामंदी को वापस ले रही है।

भूपेश ने ट्वीट कर सीबीआई पर उठाए सवाल 

पिछले कुछ महीनों में केंद्र की एनडीए सरकार ने सीबीआई की विश्वसनीयता को संकट में डाल दिया है। इसलिए अब यह ठीक नहीं लगता कि सीबीआई को हम अपने राज्य में मनमर्ज़ी की कार्रवाई करने की छूट दें। हम एक संघीय ढांचे में काम करते हैं और CBI को जिस तरह से राज्य में आकर काम करने की छूट दी गई थी उससे कानून व्यवस्था पर राज्य के अधिकारों का हनन हो रहा था। इस आदेश से CBI का प्रदेश में आना प्रतिबंधित नहीं हुआ है लेकिन अब किसी भी कार्रवाई से पहले एजेंसी को सरकार से अनुमति लेनी होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने साधा निशाना

सीबीआई पर पाबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भूपेश बघेल पर निशाना साधा है। रमन सिंह ने कहा कि जिस तरह से सीबीआई पर पांबदी लगाई गई है, उससे साबित होता है कि भूपेश सीबीआई से कितना डरे हुए हैं, रात-दिन उन्हें सीबीआई के ही सपने आते हैं इसलिए इस तरह की पाबंदियां की जा रही हैं।

पहले अनुमति की नहीं होती थी जरूरत

अभी तक राज्य में जांच के लिए सीबीआई को आने के लिए किसी रजामंदी की जरूरत नहीं होती थी। पूर्व में दी गयी सहमति के अनुरूप राज्य के किसी भी हिस्से में सीबीआई जांच केलिए आ सकती थी, लेकिन अब राज्य सरकार के इस फैसले की वजह से सीबीआई जांच को बड़ा झटका लग सकता है।