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किसानों का कर्जा माफ करने की प्रक्रिया शुरू, कमलनाथ बोले- 5 साल बाद दूंगा हिसाब

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प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के कुछ घंटे के भीतर ही कमलनाथ ने किसानों का दो लाख का कर्जा माफ करने की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए थे. आज इस योजना के तहत लाभार्थियों से फॉर्म भरवाए गए. खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फसल ऋण माफी योजना का फायदा पहुंचाने के लिए किसानों से कर्ज माफी का आवेदन पत्र भरवाया. इस योजना का नाम ‘जय किसान ऋण माफी’ योजना होगा. इस मौके पर जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 55 लाख किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा. सभी किसानों का दो लाख तक का कर्जा माफ किया जाएगा. वहीं 22 फरवरी से किसानों के खाते में राशि पहुंचना शुरू हो जाएगी. किसानों की कर्जा माफी की प्रक्रिया शुरू करने के मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, जय किसान ऋण माफी योजना मेरे लिए मील का पत्थर है. हमें देश में सबसे आगे बढ़ना है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, एमपी की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है. इसलिए किसानों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. आज से हमने कर्ज माफी की प्रक्रिया शुरू की है. मैंने कई उद्योगपतियों से फोन पर निवेश को लेकर चर्चा की. जल्द ही इसका असर दिखेगा. हमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से प्रतिस्पर्धा करनी है. हम किसी राज्य की नकल नहीं करेंगे. हम अपनी नीति बनाएंगे. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत 50 हजार करोड़ का कर्जा माफ किया जाएगा.

सीएम कमलनाथ ने कहा कि, “इस पर भाजपा भले ही आलोचना करे, लेकिन हम अपना वचन पूरा करेंगे. इसके लिए जरूरी बजट प्रावधान किए जाएंगे. वहीं सरकार की अस्थिरता को लेकर उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, जो मैदान से ही भाग गए, वो क्या लड़ेंगे. कोई प्रलोभन नहीं चलने वाला. मैं पांच साल बाद मध्य प्रदेश के हर वर्ग को हिसाब दूंगा. मैं तो मोदी जी से भी कहता हूं, आप भी जनता को पांच साल का हिसाब दे दीजिए. भाजपा अपना घर सुरक्षित रखे, हमारे घर की चिंता न करें.”

इस मौके पर किसान काफी उत्साहित नजर आए. उत्साहित किसानों ने कहा कि भाजपा के राज में किसानों की हालत बद से बदतर हो गई थी. कांग्रेस सरकार ने जो कर दिखाया, वो कोई नहीं कर पाया. भाजपा झूठ बोलती है. बरखेड़ीकला के किसान प्रेम लाल मीणा ने कहा कि, इस योजना के आने के बाद किसानों की आत्महत्या बंद हो जाएगी, आगे जीवन अच्छे से चलेगा. पहले सोसाइटी गेहूं ले जाते थे, कर्ज में पूरा पैसा रख लेते थे.

मुख्य मंत्री कमलनाथ भूले आज का दिन ऐतिहासिक मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कर्ज माफी मील का पत्थर बनेगा यह एक प्रकार का निवेश है. जीडीपी मैंने बहुत देखी है मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है 70 फ़ीसदी लोगों का जीवन यहां पर खेती और उससे जुड़े कामों से लगा है. इंदौर भोपाल में रोशनी तभी आएगी जब किसानों के पास शक्ति होगी, किसान का बेटा पढ़ लिखकर इंजीनियर बन जाता है, लेकिन बेरोजगार रहता है.

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित भाजपा नेताओं द्वारा उठाए जा रहे कर्ज माफी के सवाल को लेकर उन्होंने कहा कि बजट में प्रावधान करने से कुछ नहीं होता, जो वचन लिया है उसे पूरा करेंगे. मुझे ना समझाएं कि बजट क्या होता है, दरअसल वो खुद ही नहीं समझते है. भाजपा द्वारा बार-बार सरकार चलने को लेकर की जा रही टिप्पणियों पर उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मैदान छोड़कर कौन चला गया था. ये सब जानते हैं.