23 January 2019

कांगे्रस अध्यक्ष और कुछ अन्य परिवारवादी विपक्षी पार्टियों के नेता प्रधानमंत्री मोदी को हटाकर सत्ता हथियाने की इतनी हड़बड़ी में हैं कि वे इसके लिये विदेश की धरती पर भारत के विरूद्ध विद्रोह तक करने पर उतारू हैं।

अभी लंदन की धरती पर कांग्रेस द्वारा प्रायोजित ईवीएम हैकिंग का ड्रामा प्रस्तुत कर भारत को भारत की सरकार को भारत के प्रजातंत्र को और भारत की स्वायत्त संस्था निर्वाचन आयोग को बदनाम करने की साजिश की गई है।  

इसके पूर्व भी इसी प्रकार की हरकत जिसमें तहसीन पूनावाला ने विशेष पार्ट अदा किया था, पाकिस्तान के इशारे पर नॉट इन माई नेम का आंदोलन विदेश में भी आयोजित किया गया था। लंदन में महात्मा गांधी की स्टेच्यू को विभत्स करने तक भी इन्होंने देशद्रोही हरकत की थी।

खालिस्तानी आंदोलनकारियों द्वारा अमेरिका, यूके आदि में जिस प्रकार से भारत के विरूद्ध अलगाववाद की आग फैलाई जा रही है उसी की नकल  हमारे यहॉ के अन्य नेता प्रमुखत: कांग्रेस के नेता सत्ता हथियाने के लिये कर रहे हैं

अभी कुछ दिनों पूर्व राहुल गांधी के निर्देश पर  नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तान गये थे। वहॉ पर उन्होंने खालिस्तानी आंदोलनकारी गोपाल चावला के साथ फोटो खिचकर सोशल मीडिया में वायरल की थी।

इतना ही नहीं एक ओर वहॉ पर उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रशंसा में कसीदे गढ़े तो दूसरी ओर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति जहर ऊगला। वहॉ के पाक आर्मी चीफ बाजवा के गले मिले और पीओके  के राष्ट्राध्यक्ष के बगल में भी बैठ कर ठहाके लगाते रहे।

राहुल गांधी अमेरिका में जाकर एक समारोह में कहे थे कि भारत को खतरा लश्कर से नहीं बल्कि हिन्दू आतंक से है।

फर्जी नाम के साथ चेहरे को ढंककर सामने आए हैकर ने दावा किया कि उसने ईवीएम बनाने वाली कंपनी इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में 5 साल तक काम किया है। परंतु इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि सैय्यद शुजा नाम का कोई भी व्यक्ति कभी भी इस कार्पोरेशन में नौकरी नहीं किया है संबंधित समाचार लोकशक्ति के इसी अंक के प्रथम पृष्ठ में प्रकाशित है।

लंदन में ईवीएम हैङ्क्षकंग के ड्रामा का आयोजन कांग्रेस के नेता पूर्व केन्द्रीय मंत्री कपिल सिब्बल की उपस्थिति में कांग्रेस और नेशनल हेराल्ड से संबंधित राहुल गांधी के सिपहेसालार आशीष रे ने किया था। सह आयोजनकर्ता फारेन प्रेस एसोशियेशन थी। इस एसोशिएसन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि सैय्यर शुजा अपने हैकिंग के क्लेम में कोई भी सबूत प्रस्तुत नहीं कर सके  

इसी संदर्भ में हमें एक और हरकत का उल्लेख करना आवश्यक है। अगस्टा वेस्टलैंड स्कैम के संदर्भ में क्रिस्चियन मिशेल का प्रत्यार्पण भारत सरकार में यूएई से करवाने में सफलता प्राप्त की। घूसकांड के इस बिचौलिये को बचाने के लिये कांग्रेस के ही लीगल विंग के प्रमुख जोसफ पैरवी करने के लिये दिल्ली के पटियाला हाऊस कोर्ट पहुंचे थे।

कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं को इस प्रकार की गैर जिम्मेदाराना देश विरोधी कार्यकलापों से बचना चाहिये। ऐसा करके कुछ हद तक कांग्रेस और कांग्रेेस के नेता जनता की सहानुभूति प्राप्त कर सकेंगे।

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