14 February 2019

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर चुटकी लेते हुए लोकसभा में कहा कि वह कभी सुनते थे किभूंकपÓ आयेगा, लेकिन पांच साल में कोईभूंकपÓ नहीं आया।

परंतु १६वी लोकसभा के अंतिम सत्र के अंतिम दिन मुलायम सिंह यादव ने भूकंप ला दिया।

मोदी जी ने राफेल विमान सौदे के संदर्भ में कहा कि सदन में हवाई जहाज भी उड़े. बड़ेबड़े लोगों ने हवाई जहाज उड़ाए। लेकिन लोकतंत्र की ऊंचाई इतनी है कि कोई भी हवाई जहाज उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच पाया।

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राफेल डील पर ष्ट्रत्र की रिपोर्ट से क्या विपक्ष झूठा साबित हुआ है?

सोनिया गांधी कहती हैं आज पूरे देश में भय और संघर्ष का माहौल है। परंतु सच यह है कि मुलायम सिंह के आर्शीवाद मोदी जी को देने के बाद अब कांग्रेस का महागठबंधन चारों खाने चित्त हो गया है।

आज विपक्ष की एक बैठक शरद पवार के निवास स्थान पर हुई। इसी संदर्भ में एक समाचार भी नवभारत टाईम्स में पढऩे को मिला–  

मुंबई की छह लोकसभा सीटों के शक्ति केंद्र प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर कटाक्ष करते हुए  कहा, जिनकी 10 सीट जीतने की क्षमता नहीं है, वे प्रधानमंत्री की रेस में हैं। उन्होंने कहा कि मुझे समझ में नहीं आता कि इन नेताओं के लिए प्रधानमंत्री का पद है या संगीत कुर्सी का खेल।

अब राहुल गांधी ही नहीं बल्कि शरद पवार, ममता, माया, नायडू आदि दिन में भी स्वप्र देखने वाले प्रधानमंत्री पद की लालसा पाले नेताओं के पैर तले से जमीन खिसक गई है।

वाजपेयी के शासनकाल में सत्ता का सुख भोग चुके वाजपेयी दरबार के नवरत्नों में से एक भाजपा के शत्रु घ्र सिन्हा ने मुलायम सिंह यादव द्वारा नरेन्द्र मोदी को दिये गये आर्शीवाद के प्रति राहुल गांधी जैसे ही असहमति प्रकट की है।

मुलायम सिंह यादव ने लोकसभा में जो भूकंप लाया है उससे उन भाजपा नेताओं की आकांक्षाओं पर पानी फिर गया है जो यह सोच रहे थे कि यदि २०१९ के लोकसभा चुनाव में भाजपा बहुमत में आई तब बार्गनिंग मेें उनका भी मोदी जी की जगह में स्थान हो सकेगा।

मोदी जी फिर से प्रधानमंत्री बनें यह आकांक्षा, यह तमन्ना सिर्फ मुलायम सिंह यादव की ही नहीं है बल्कि देशविदेश के अन्य नेताओं ने भी इस  प्रकार की इच्छा प्रकट की है।

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