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आतंकवाद के विरूद्ध दुनिया हमारे साथ हुर्रियत जैसे अलगाववादियों के समर्थन में हमारे यहॉं के नेता क्यों?

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18 February 2019

सीआरपीएफ अपने ४० जवानों के शहीद हो जाने के बावजूद भी कश्मीरियों की मदद को तैय्यार, संकट में फंसे कश्मीर के लिये जारी किया है नंबर।

दूसरा समाचार भी है कि सीआरपीएफ के 3 जवानों ने महिला नक्सली की खून देकर बचाई जान, मुठभेड़ में गोली लगने से हुई थी घायल.

उक्त दोनों समाचार पर गंभीरता से हमारे यहॉ के वोटबैंक पॉलिटिशियंस और टुकड़े-टुकड़े गंैग तथा नक्सल और नक्सल समर्थकों को विचार करना चाहिये।

पीएम मोदी ने बिहार को मेट्रो, झारखंड को दिया 3 मेडिकल कॉलेजों का तोहफा, कई अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया।

वहॉ पर पीएम मोदी ने कहा जो आग आपके दिल में, वही मेरे दिल में। इससे स्पष्ट है कि सीआरपीएफ के ४० जवानों के शहादत के उपरांत पूरा देश  पाकिस्तान से बदला लेने की ठान चुका है।

यह संयोग ही है कि आज झारखंड में सोने के सात नए भंडार मिले, हजारों टन मिलने की संभावना। इससे भी यह जाहिर होता है कि भारत विकास के पथ पर अग्रसर होते रहेगा।

अमेरिका, रूस , इजराइल सहित विश्व के ६० से अधिक देशों ने आतंकवाद के विरूद्ध भारत का समर्थन किया है। इरान तथा पश्चूत बलूच, सिंध आदि के नेताओं ने तो पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि आतंकवाद को वह पालते रहा तो वे बदला लेंगे।

दु:ख इस बात का है कि हुर्रियत और अन्य अलगाववादी नेताओं के समर्थन में हमारे यहॉ के नेता खड़े हो जाते हैं।

अब समय आ गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपनी पार्टी के मणिशंकर अय्यर और नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेताओं पर नकेल कसें और उनसे अपने पिछले भारत विरोधी बयानों पर सर्वाजनिक रूप से माफीनामा दिलवायें।