Editorial :- J&K गवर्नर के सलाहकार फारूख खान  VS अय्यर… अधीर रंजन खान

15 January 2020

आज के मुख्य समाचार : लाहौर से दिल्ली पाकिस्तान में भारत सरकार का मजाक उड़ाकर शाहीन बाग पहुंच बोले सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी के सिपहेसालार मणिशंकर अय्यर बिना नाम लिये पीएम मोदी को कातिल।

>> गिरफ्तार ष्ठस्क्क देवेन्द्र सिंह खान होते तो… कांग्रेस का धार्मिक ऐंगल >> पुलवामा हमले पर पाक की भाषा

>> अफजल गुरु के पत्र से खुलासा, सिंह उसे संसद हमले के लिए दिल्ली ले गए थे।

>> शाहीनबाग  में 10 जनवरी की देर रात 2 बजे एक शख्स मंच से आजादी के नारे लगा रहा है, जिसके बोल हैं “हम लड़के लेंगे आजादी। नेहरू वाली आजादी। अश्फाक वाली आजादी। जिन्ना वाली आजादी। दिल्ली वाली आजादीज्।”

इस संदर्भ में मणिशंकर अय्यर जी की कुछ देशविरोधी वक्तव्यों का स्मरण दिलाना आवश्यक है।

>> सोनिया गांधी जी के निर्देश पर मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान गये थे। वहॉ उन्होंने पाक के टीवी चैनल को दिये गये साक्षात्कार में कहा था कि  पीएम मोदी को हटाने के लिये पाकिस्तान की सहायता चाहिये। इस पर एंकर ने पूछा था कि इसका मतलब आपको आईएसआई की सहायता चाहिये।

>> इसके बाद गुजरात विधानसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री मोदी को लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस नेता ने मोदी को नीच कहा था। उसी दरमियान उनके निवास स्थान पर एक रात्रि भोज का आयोजन किया गया था। उस आयोजन में पाकिस्तान के पूर्व विदेशमंत्री कसूरी, पाकिस्तान के राजदूत के साथ मनमोहन सिंह और हामिद अंसारी भी उपस्थित थे। उनके बीच में क्या गुफ्तगु हुई होगी इसे सहज में ही समझा जा सकता है।

>> हामिद अंसारी तो केरल में पीएफआई के एक कार्यक्रम में मेजबानी भी किये थे। सीएए, एनआरसी के विरोध में जो हिंसक प्रदर्शन हुए हैं  उस संदर्भ में यूपी पुलिस के पास सबूत हैं कि इन हिंसक प्रदर्शनों में सिमी, पीएफआई का हाथ है।  इसीलिये पीएफआई पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह भी यूपीए पुलिस ने केन्द्र सरकार से किया है।

>> मणिशंकर अय्यर ने यह कहकर राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया था कि नरेंद्र मोदी केवल चाय बेचने वाले बनने में सक्षम हैं।

 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (्रढ्ढष्टष्ट) की बैठक को संबोधित करते हुए अय्यर ने कहा था: “नरेंद्र मोदी कभी भी भारत के प्रधानमंत्री नहीं हो सकते। हालांकि, अगर वह चाहे तो हम यहां उसके लिए चाय की दुकान स्थापित कर सकते हैं। “

 मोदी के लिए अय्यर का चाय का स्टाल, कांग्रेस का चुनावी हाथ काट रहा है क्योंकि इसके पूर्व जावेद अख्तर ने भी चुनाव के दरमियान सोनिया गांधी के भाषण के लिये स्क्रीप्ट लिखी थी उसमें उस समय के गुजरात के मुख्यमंत्री को मौत का सौदागर कहा गया था। अय्यर ने मोदी को चाय के स्टाल की पेशकश की, जो जावेद अख्तर के मौट के सौदागर के रूप में कांग्रेस के हाथ का प्रतीक है। क्या मुख्य झूट बोल्या:

इसके अलावा 2014 में लोकसभा के दौरान चायवाले के नाम पर मोदी की बेइज्जती की गई।

>>  आतंकवादियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी का नाम देविंदर सिंह की जगह देविंदर खान होता तो सोशल मीडिया पर आरएसएस की ट्रोल आर्मी हंगामा बरपा देती। अब पुलवामा हमले की भयावह घटना के पीछे असल में किसका हाथ था, इसकी भी दोबारा जांच जरूरी है। -कांग्रेस नेता  अधीर रंजन चौधरी

>>  देविंदर सिंह कौन है? 2001 संसद हमले में उसकी क्या भूमिका है? पुलवामा हमले में उसकी क्या भूमिका है जहां वह डीएसपी था? क्या वह हिज्बुल आतंकियों को अपनी मर्जी से ले जा रहा था या वह सिर्फ एक मोहरा था और मुख्य साजिशकर्ता कहीं और है? क्या यह बड़ी साजिश है। कांग्रेस नेता सुरजेवाला का ट्वीट

>> खान खान खान शब्द सुरजेवाला और अधीर रंजन चौधरी जैसे कांग्रेस नेताओं के दिलों दिमाग में बसे रहना अनुचित है क्योंकि इससे सोशल मीडिया में पब्लिक डोमेन में जो फिरोज गांधी.. फिर खान आदि की जो चर्चा होती रही है वह फिर होने लगेगी।

>>अफजल गुरु के पत्र से खुलासा, सिंह उसे संसद हमले के लिए दिल्ली ले गए थे। इसका भी विस्तृत उल्लेख आज के समाचारों में है। अफजल गुरू को गुलाम नबी आजाद अफजल गुरूजी कहकर और सुरजेवाला श्री अफजलगुरू कहकर संबोधित करते रहे हैं।

कश्मीर के इंजिनियर राशिद और उनके साथी ४-५ विधायकों का समर्थन प्राप्त करने के लिये राज्यसभा में पहुंचने के लिये गुलामनबी आजाद ने उन्हें लिखकर दिया था कि  कांगे्रस ने अफजल गुरू को फंासी देकर गलती की। इसलिये १६ फरवरी २०१६ को जम्मू-कश्मीर के उस समय के निर्दलीय विधायक इंजी रशीद ने ये कहा था कि उन्हें समर्थन देने के लिये कांग्रेस पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिये।

कांग्रेस की इन्हीं हरकतों से पाकिस्तान को आक्सीजन मिलते रहा है। इसीलिये लश्कर के हाफिज सईद ने कांगे्रस को पाकिस्तान का सच्चा हितैषी भी बताया था। राहुल गांधी भी स्वयं अमेरिका जाकर यह कहे थे  कि भारत को लश्कर से ज्यादा हिन्दू आतंंकवाद से खतरा है। उसी लाईन पर यूपीए शासनकाल के दो गृहमंत्री शिंदे और चिदंबरम भी चले हैं। इसी लाईन को आगे बढ़ाते हुए आज अधीररंजन चौधरी और सुरजेवाला ने देवेन्द्र सिंह को देवेन्द्र खान कहकर उस संदर्भ में संघ और भाजपा को बदनाम करने का प्रयत्न किया है यही कारण है कि कांग्रेस ने भी उनके वक्तव्य का समर्थन किया है।

ए.के.एंटोनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि भारत की जनता कांग्रेस को मुस्लिम पार्टी समझती है। उसके बाद कांगे्रस के राहुल गांधी जनेऊधारी ब्राम्हण बने और क्रिस्चियन सोनिया गांधी को भी सुरजेवाला ने शिव भक्त कहा था।

अब पुन:  अपनी वास्तविक पाक परस्त और मुस्लिम तुष्टिकरण की धारा में कांग्रेस लौट आई है।

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